जीवन को आसान बनाने के लिए पढ़ें यह अनमोल वचन


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1 :- जिस प्रकार जंग लोहे से उत्पन्न होते हुए भी पैदा होते ही लोहे को खा जाता है, वैसे ही पापी व्यक्ति के अपने कर्म ही उसे दुर्गति की ओर ले जाते हैं।

2 :- सज्जनों के सत्संग से दुर्जन भी सज्जन बन जाते हैं, अतः सदा सज्जनों की संगति में रहे।

3 :- क्रोध यमराज के समान है, विद्या कामधेनु है, और संतोष इंद्र के उद्यान नंदन वन के समान है।

4 :- स्वभाव कच्ची मिट्टी की तरह होता है, जिसकी कोई शक्ल नहीं होती, इसे आकृति देने की आवश्यकता होती है।

5 :- कष्ट इतना कष्ट कर नहीं होता, जितनी की उसकी चिंता कष्टकर होती है।

6 :- नफरत बहुत सोच समझकर करनी चाहिए, क्योंकि नफरत करते करते एक दिन हम भी वही बन जाते हैं, जिससे नफरत कर रहे हैं।

7 :- अगर आप तेजी से चलना चाहते हैं तो अकेले चलिए, लेकिन अगर आप दूर तक चलना चाहते हैं तो साथ मिलकर चलिए।

8 :- मारना चाहते हो तो बुरी आदतों को मारो, और बोलना चाहते हो तो सत्य और मीठे वचन बोलो।

9 :- देखना चाहते हो तो स्वयं को देखो, और बनना चाहते हो तो सहनशील बनो।

10 :- लेना चाहते हो तो आशीर्वाद लो, और त्यागना चाहते हो तो मोह माया को त्यागो।

11 :- बुद्धि समान बल नहीं, मेघ समान जल नहीं, संतोष समान सुख नहीं और लोभ समान दुख नहीं।

12 :- ज्ञान समान आनंद नहीं, अविद्या समान शत्रु नहीं, सत्य समान धर्म नहीं और असत्य समान कुकर्म नहीं।

13 :- मन वह सफेद कपड़ा है जिसे जिस रंग में डुबो दो उस पर वही रंग चढ़ जाएगा।

14 :- दूसरों के प्रति द्वेष से उनको हानि नहीं होगी, बल्कि आपका मन अवश्य दूषित हो जाएगा।

15 :- फिजूल खर्चों से बचें, मितव्यवता से रहें, दूसरों के वैभव को देखकर यदि न जले तो आपको कभी अशांति नहीं होगी।

16 :- केवल वही असली नहीं है, जो कुछ नहीं करता, वह भी असली है जो बेहतर कर सकता था लेकिन उसने प्रयत्न नहीं किया।

17 :- धैर्य एक ऐसा गुण है जो व्यक्ति की कार्यक्षमता में  वृद्धि करता है, उसे आगे ले जाता है तथा उसे पूर्णता प्रदान करता है।

18 :- ज्ञानि हमें सीख देता है कि हमें क्या करना चाहिए, जबकि अज्ञानी हमें सीख देता है कि हमें क्या नहीं करना चाहिए।

19 :- वक्त और हालात दोनों इंसान की जिंदगी में कभी एक जैसे नहीं होते, वक्त इंसान की जिंदगी बदल देता है और हालात बदलने में वक्त नहीं लगता।

20 :- दूसरों को देखना हो तो उन्हें उन्हीं के दृष्टिकोण से और उन्हीं की परिस्थिति में पहुंचकर देखो, फिर उनकी गलतियां उतनी नहीं दिखाई देंगी।

21 :- ऋण हो जाए तो इतना खर्च मत करना, पाप हो ऐसी कमाई मत करना, क्लेश हो ऐसा मत बोलना, रोग हो वैसा मत खाना